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चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से बचने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हैं ये घरेलू उपाय, पूरे परिवार को मिलेगी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾
चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का संकà¥à¤°à¤®à¤£ परिवार में किसी à¤à¤• को à¤à¥€ हो जाठतो अनà¥à¤¯ लोगों को à¤à¥€ सावधानी बरतनी चाहिà¤. यहां बताई गई चीजों का सेवन रोगी को à¤à¥€ कराà¤à¤‚ और अनà¥à¤¯ फैमिली मेंबर à¤à¥€ करें.
मचà¥à¤›à¤° सिरà¥à¤« खà¥à¤œà¤²à¥€, काटने की जलन और बेसà¥à¤°à¤¾ संगीत ही नहीं देते हैं बलà¥à¤•ि चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी जानलेवा बीमारी à¤à¥€ देते हैं. चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• बà¥à¤–ार है और वायरल डिजीज है. यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को यह बीमारी हो चà¥à¤•ी है तो अगले करीब à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को काटने वाले मचà¥à¤›à¤° इस बीमारी के वायरस को अनà¥à¤¯ लोगों में à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर कर सकते हैं. इसलिठपरिवार में किसी à¤à¤• à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का इस बà¥à¤–ार से पीड़ित होना, पूरे परिवार के लिठà¤à¤• तरह कि सेहत संबंधी चेतावनी होती है.
मचà¥à¤›à¤° के काटने से कई तरह के बà¥à¤–ार होते हैं और किसी à¤à¥€ आम इंसान के लिठसही बà¥à¤–ार की पहचान करना आसान काम नहीं है. इसलिठयदि किसी को बà¥à¤–ार के साथ यहां बताठजा रहे लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚ तो इस बात की पूरी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है कि उसे चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ फीवर है...
1. तेज बà¥à¤–ार: जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मचà¥à¤›à¤° काट लेता है तो उसे दो से सात दिन के अंदर तेज बà¥à¤–ार हो सकता है. यानी किसी को यह दो दिन के अंदर आ सकता है जबकि किसी अनà¥à¤¯ को 7 दिन के बाद.
2. जोड़ों में दरà¥à¤¦: हाथ की उंगलियों से लेकर शरीर के हर जॉइंट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है.
3. तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर रैशेज: पहले बà¥à¤–ार और जोड़ों में दरà¥à¤¦ और इसके दो दिन बाद तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर रैशेज की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है. ये रैशेज खासतौर पर पैरों में नजर आते हैं और इनमें खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¥€ होती है. बाद में ये हाथों में à¤à¥€ फैल जाते हैं.
4. बहà¥à¤¤ अधिक थकान: चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ बà¥à¤–ार में इतनी अधिक कमजोरी लगने लगती है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठघर के अंदर ही चलना-फिरना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है. कई बार तो बिसà¥à¤¤à¤° पर ही करवट बदलने में à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होती है.
5. मितली आना: चिकनगà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ वायरस के कारण पेट में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं, जिनके कारण जी खराब होने लगता है और मितली की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है.
6. पाचन की समसà¥à¤¯à¤¾: पेट और पाचन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं, जिससे à¤à¥‚ख पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है.
सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾: दरà¥à¤¦ के बाद शरीर के जॉइंटà¥à¤¸ में सूजन आने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है.
7. नà¥à¤¯à¥‚रॉलजिकल समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚: कà¥à¤› लोगों में आंखों समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है तो कà¥à¤› लोग हारà¥à¤Ÿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानी की चपेट में आ सकते हैं.
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